बाथू की लोरी मन्दिर ज्वाली काँगड़ा Pong Dam के बीच में स्थित है जो महाराणा प्रताप सागर में है। ये मंदिर केवल साल के ४ महीने ही पर्यटकों के लिए दिखाई देता है। इसके आलावा ये साल के 8 महीने पानी में डूबा रहता है। जब बांध में जल का स्तर घटता जाता है। तो मंदिर तक धमेटातथा नागराता सुरिया से से होते हुए नाव द्वारा और ज्वाली से सड़क के मार्ग के द्वारा भी यहाँ पहुँचा जा सकता है। इस मंदिर का निर्माण छठी शताब्दी में गुलेरिया साम्राज्य के द्वारा किया गया था।